
मंत्रालय में निम्नलिखित पदों के लिए भर्ती नियम
|
अधिसूचना
संसदीय कार्य मंत्रालय
नई दिल्ली, 27 फरवरी, 2002
सा0का0नि0 75 - राष्ट्रपति, संविधान के अनुच्छेद 309 के परंतुक
द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और संसदीय कार्य मंत्रालय (भर्ती
और सेवा शर्तें ) नियम 1963 को जहां तक उनका संबंध अनुभाग अधिकारी के पद से है, उन बातों के सिवाय अधिक्रांत करते हुए, जिन्हें
ऐसे अधिक्रमण से पहले किया गया है या करने का लोप किया गया है, संसदीय कार्य मंत्रालय में अनुभाग अधिकारी के पद पर भर्ती की
पद्धति का विनियमन करने के लिए
निम्नलिखित नियम बनाते हैं, अर्थात् :-
1 संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ .- (1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम
संसदीय कार्य मंत्रालय, अनुभाग अधिकारी भर्ती नियम, 2002 है ।
(2) ये राजपत्र में प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त्त होंगे।
2. पद-संख्या, वर्गीकरण और वेतनमान :- उक्त पद की संख्या, उसका
वर्गीकरण और उसका वेतनमान वह होगा, जो इन नियमों से उपाबद्ध
अनुसूची
के स्तंभ 2 से स्तंभ 4 में विनिर्दिष्ट हैं ।
3. भर्ती की पद्धति, आयु-सीमा, और अन्य अर्हताएं आदि : उक्त पद
पर भर्ती की पद्धति, आयु-सीमा, अर्हताएं और उनसे संबंधित अन्य बातें
वे होंगी
जो उक्त अनुसूची के स्तंभ 5 से स्तंभ 14 में विनिर्दिष्ट हैं ।
4. निरर्हता : वह व्यक्ति -
(क) जिसने ऐसे व्यक्ति से जिसका पति या
जिसकी पत्नी जीवित है, विवाह किया है, या
(ख) जिसने अपने पति या अपनी पत्नी के
जीवित रहते हुए किसी व्यक्ति से विवाह किया है,उक्त पद पर नियुक्ति का पात्र नहीं
होगा ।
परन्तु यदि केन्द्रीय सरकार का यह समाधान हो जाता है कि ऐसा
विवाह ऐसे व्यक्ति और विवाह के अन्य पक्षकार को लागू स्वीय विधि
के अधीन
अनुज्ञेय है और ऐसा करने के लिए अन्य आधार हैं तो वह किसी व्यक्ति को इस नियम के
प्रवर्तन से छूट दे सकेगी ।
5. शिथिल करने की शक्ति : - जहां केन्द्रीय सरकार की यह राय है
कि ऐसा करना आवश्यक या समीचीन है, वहां वह उसके लिए जो
कारण हैं उन्हें लेखबद्ध करके, तथा संघ लोक सेवा आयोग से परामर्श करके, इन नियमों के किसी उपबंध को किसी वर्ग या प्रवर्ग के
व्यक्तियों
की बाबत, आदेश द्वारा शिथिल कर सकेगी ।
6. व्यावृत्ति:- इन नियमों की कोई बात, ऐसे आरक्षण, आयु-सीमा
में छूट और अन्य रियायतों पर प्रभाव नहीं डालेगी, जिनका केन्द्रीय
सरकार द्वारा इस संबंध में समय-समय पर निकाले गए आदेशों के अनुसार अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़े
वर्गों, भूतपूर्व सैनिकों और अन्य विशेष प्रवर्ग के व्यक्तियों के लिए उपबंध करना अपेक्षित है ।
अनुसूची
| पद का नाम | पदों की संख्या | वर्गीकरण | वेतनमान | योग्यता के आधार पर चयन या चयन-सह-ज्येष्टता अथवा अचयन पद | सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए आयु सीमा |
| (1) | (2) | (3) | (4) | (5) | (6) |
| अनुभाग अधिकारी | *12 (2002) *कार्यभार के आधार पर परिवर्तन किया जा सकता है । |
साधारण केन्द्रीय सेवा समूह ``ख`` राजपत्रित, अननुसचिवीय | रू . 6500-200-10500 | चयन-सह- ज्येष्ठता | लागू नहीं होता |
| सेवा में जोड़े गए वर्षों का फायदा केन्द्रीय सिविल सेवा (पेंशन ) नियम, 1972 के नियम 30 के अधीन अनुज्ञेय हैं या नहीं | सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए अपेक्षित शैक्षिक और अन्य अर्हताएं | सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए विहित आयु और शैक्षिक अर्हताएं प्रोनत व्यक्तियों की दशा में लागू होंगी या नहीं | परिवीक्षा की अवधि, यदि कोई हो | भर्ती की पद्धति: भर्ती सीधे होगी या प्रोनति द्वारा या प्रतिनियुक्ति या आमेलन द्वारा तथा विभिन पद्धतियों द्वारा भरे जाने वाले पदों की प्रतिशतता | प्रोनति/प्रतिनियुक्ति/आमेलन द्वारा भर्ती की दशा में वे श्रेणियों जिनसे प्रोनति/प्रतिनियुक्ति/आमेलन किया जाएगा |
| (7) | (8) | (9) | (10) | (11) | (12) |
| लागू नहीं होता | लागू नहीं होता | लागू नहीं होता | प्रोनति किये जाने वाले व्यक्तियों के लिए दो वर्ष | प्रोनति जिसके न हो सकने पर प्रतिनियुक्ति द्वारा । | प्रोनति :- ऐसे सहायक जिन्होंने
उस श्रेणी में आठ वर्ष नियमित सेवा की है। टिप्पण :- जहां ऐसे कनिष्ठ व्यक्तियों के संबंध में, जिन्होंने अपनी अर्हक/पात्रता सेवा पूरी कर ली है, प्रोनति के लिए विचार किया जा रहा हो वहां उनसे ज्येष्ठ व्यक्तियों के संबंध में भी विचार किया जाएगा परन्तु यह तब जबकि उनके द्वारा की गई ऐसी अर्हक/पात्रता सेवा, अपेक्षित अर्हक/पात्रता सेवा के आधे से अधिक से या दो वर्ष से, इनमें से जो भी कम हो, कम न हो उन्होंने अपने ऐसे कनिष्ट व्यक्तियों सहित जिन्होंने ऐसी अर्हक/पात्रता सेवा पहले ही पूरी कर ली है, अगली उच्चतर श्रेणी में प्रोनति के लिए अपनी परिवीक्षा की अवधि सफलतापूर्वक पूरी कर ली हो । प्रतिनियुक्ति :- केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकारों या संघ राज्य क्षेत्रों के अधीन ऐसे अधिकारी :- (क) (i) जो मूल काडर/विभाग में नियमित आधार पर सदृश पद धारण किए हुए हैं, या (ii) जिन्होंने मूल काडर या विभाग में 5500-9000 रू . के या समतुल्य वेतनमान में नियमित आधार पर नियुक्ति के पश्चात् उस श्रेणी में आठ वर्ष की सेवा की है, और (ख) (1) जिनके पास किसी मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से स्नातक डिग्री या समतुल्य है, और (2) जिनके पास प्रशासनिक या संसदीय कृत्य में दो वर्ष का अनुभव हैा टिप्पण :- पोषक प्रवर्ग के ऐसे विभागीय अधिकारी, जो प्रोनति की सीधी पंक्ति में हैं, प्रतिनियुक्ति पर नियुक्ति के लिए विचार किए जाने के पात्र नहीं होंगे । इसी प्रकार प्रतिनियुक्ति व्यक्ति प्रोनति द्वारा नियुक्ति के लिए विचार किए जाने के पात्र नहीं होंगे । प्रतिनियुक्ति/संविदा की अवधि, जिसके अंतर्गत केन्द्रीय सरकार के उसी या किसी अन्य संगठन/विभाग में इस नियुक्ति से ठीक पहले धारित किसी अन्य काडर बाह्य पद पर प्रतिनियुक्ति की अवधि है, साधारणतया तीन वर्ष से अधिक नहीं होगी । प्रतिनियुक्ति पर नियुक्ति के लिए अधिकतम आयु सीमा आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तारीख को 56 वर्ष से अधिक नहीं होगी । |
| यदि विभागीय प्रोनति समिति है तो उसकी संरचना | भर्ती करने में किन परिस्थितियों में संघ लोक सेवा आयोग से परामर्श किया जाएगा | ||||
| (13) | (14) | ||||
| प्रोनति या पुष्टिकरण के लिये :- 1. सचिव, संसदीय कार्य मंत्रालय - अध्यक्ष 2. उप सचिव (प्रशासन) संसदीय कार्य मंत्रालय - सदस्य 3. अवर सचिव और ऊपर के रैंक के अन्य - सदस्य मंत्रालयों के नाम निर्देशिती |
प्रतिनियुक्ति पर राज्य सरकारों या संघ राज्य क्षेत्रों से अधिकारियों की नियुक्ति करते समय संघ लोक सेवा आयोग से परामर्श करना आवश्यक है । |
सं. एफ 4(1)/2001-प्रशासन]
पी. एस. मल्होत्रा, अवर सचिव
टिप्पण :- मंत्रालय के मूल नियम, सं.सा.का.नि. 1850 तारीख 29
नवम्बर, 1963 द्वारा भारत के राजपत्र में प्रकाशित हुये थे और तत्पश्चात
उनमें समय-समय पर संशोधन किए गये
और अंतिम संशोधन अधिसूचना सं.सा.का.नि. 1357 तारीख 7 नवम्बर, 1978 द्वारा किया गया
।
अधिसूचना
संसदीय कार्य मंत्रालय
नई दिल्ली, 7 जुलाई, 2001
सा0का0नि0 360 - राष्ट्रपति, संविधान के अनुच्छेद 309 के परंतुक
द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और संसदीय कार्य मंत्रालय (भर्ती और
सेवा शर्तें ) नियम 1963 को जहां तक उनका संबंध हिन्दी अधिकारी के पद से है, को अधिक्रांत करते हुए सिवाय उन बातों के जिन्हें ऐसे
अधिक्रमण से पूर्व किया गया है या करने से लोप किया गया है, संसदीय कार्य मंत्रालय में हिन्दी अधिकारी के पद पर भर्ती की पद्धति का
विनियमन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाते हैं, अर्थात् :-
1 संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ .- (1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम
संसदीय कार्य मंत्रालय, हिन्दी अधिकारी भर्ती नियम, 2001 है ।
(2) ये राजपत्र में प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त्त होंगे।
2. पद-संख्या, वर्गीकरण और वेतनमान :- उक्त पद की संख्या, उसका
वर्गीकरण और उसका वेतनमान वह होगा, जो इन नियमों से उपाबद्ध
अनुसूची के स्तंभ 2 से स्तंभ 4 में
विनिर्दिष्ट हैं ।
3. भर्ती की पद्धति, आयु-सीमा, और अर्हताएं आदि : उक्त पद पर
भर्ती की पद्धति, आयु-सीमा, अर्हताएं और उससे संबंधित अन्य बातें वे होंगी
जो उक्त अनुसूची के स्तंभ 5 से स्तंभ
14 में विनिर्दिष्ट हैं ।
4. निरर्हता : वह व्यक्ति -
(क) जिसने ऐसे व्यक्ति से जिसका पति या
जिसकी पत्नी जीवित है, विवाह किया है, या
(ख) जिसने अपने पति या अपनी पत्नी के
जीवित रहते हुए किसी व्यक्ति से विवाह किया है,
उक्त पद पर नियुक्ति का पात्र नहीं होगा।
परन्तु यदि केन्द्रीय सरकार का यह समाधान हो जाता है कि ऐसा
विवाह ऐसे व्यक्ति और विवाह के अन्य पक्षकार को लागू स्वीय विधि के
अधीन अनुळ्ोय है और ऐसा करने के लिए अन्य आधार हैं तो वह किसी
व्यक्ति को इस नियम के प्रवर्तन से छूट दे सकेगी ।
5. शिथिल करने की शक्ति : - जहां केन्द्रीय सरकार की यह राय है
कि ऐसा करना आवश्यक या समीचीन है, वहां वह उसके लिए जो कारण हैं
उन्हें लेखबद्ध करके, तथा संघ लोक सेवा आयोग से परामर्श करके, इन नियमों के किसी उपबंध को किसी वर्ग या प्रवर्ग के व्यक्तियों की
बाबत, आदेश द्वारा शिथिल कर सकेगी ।
6. व्यावृत्ति:- इन नियमों की कोई बात, ऐसे आरक्षण, आयु-सीमा
में छूट और अन्य रियायतों पर प्रभाव नहीं डालेगी, जिनका केन्द्रीय सरकार
द्वारा इस संबंध में समय-समय पर निकाले गए आदेशों के अनुसार अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़े वर्गों, भूतपूर्व
सैनिकों और अन्य विशेष प्रवर्ग के व्यक्तियों के लिए उपबंध करना अपेक्षित है ।
अनुसूची
| पद का नाम | पदों की संख्या | वर्गीकरण | वेतनमान | चयन-सह-ज्येष्टता या योग्यता के आधार पर चयन अथवा अचयन पद | सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए आयु सीमा |
| (1) | (2) | (3) | (4) | (5) | (6) |
| हिन्दी अधिकारी | *1 (2001) *कार्यभार के आधार पर परिवर्तन किया जा सकता है । |
साधारण केन्द्रीय सेवा समूह ``ख`` राजपत्रित, अनुसचिवीय | रू . 6500-200-10500 | लागू नहीं होता | लागू नहीं होता |
| सेवा में जोड़े गए वर्षों का फायदा केन्द्रीय सिविल सेवा (पेंशन ) नियम, 1972 के नियम 30 के अधीन अनुळ्ोय हैं या नहीं | सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए अपेक्षित शैक्षिक और अन्य अर्हताएं | सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए विहित आयु और शैक्षिक अर्हताएं प्रोन्नत व्यक्तियों की दशा में लागू होंगी या नहीं | परिवीक्षा की अवधि, यदि कोई हो | भर्ती की पद्धति: भर्ती सीधे होगी या प्रोन्नति द्वारा या प्रतिनियुक्ति/आमेलन द्वारा तथा विभिन्न पद्धतियों द्वारा भरे जाने वाले पदों की प्रतिशतता | प्रोन्नति/प्रतिनियुक्ति/आमेलन द्वारा भर्ती की दशा में वे श्रेणियां जिनसे प्रोन्नति/प्रतिनियुक्ति/आमेलन किया जाएगा |
| (7) | (8) | (9) | (10) | (11) | (12) |
| नहीं | लागू नहीं होता | लागू नहीं होता | प्रोन्नत व्यक्तियों के लिए दो वर्ष | प्रोन्नति/प्रतिनियुक्ति | प्रोन्नति/प्रतिनियुक्ति : (I) केन्द्रीय सरकार के ऐसे अधिकारी :- (क) (i) जो नियमित आधार पर सदृश पद धारण किए हुए हैं, या (ii) जिन्होंने 5500-9000 रू . या समतुल्य वेतनमान वाले पदों पर तीन वर्ष नियमित सेवा की हो, या (iii) जिन्होंने 5000-8000 रू . या समतुल्य वेतनमान वाले पदों पर छह वर्ष नियमित सेवा की है, और (ख) जिनके पास निम्नलिखित शैक्षिक अर्हताएं और अनुभव है :- किसी मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय से हिन्दी में मास्टर डिग्री या समतुल्य साथ ही डिग्री स्तर पर अंग्रेजी एक विषय के रू प में रहा हो, या किसी मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय से अंग्रेजी में मास्टर डिग्री या समतुल्य साथ ही डिग्री स्तर पर हिन्दी एक विषय के रू प में रहा हो, या किसी मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय से किसी विषय में मास्टर डिग्री या समतुल्य साथ ही डिग्री स्तर पर हिन्दी और अंग्रेजी विषयों के रू प में रहे हों, या किसी मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय से किसी विषय में मास्टर डिग्री या समतुल्य साथ ही डिग्री स्तर पर हिन्दी के रू प में और अंग्रेजी एक विषय के रू प में रहा हो, या किसी मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय से किसी विषय में मास्टर डिग्री या समतुल्य साथ ही डिग्री स्तर पर अंग्रेजी माध्यम के रू प में और हिन्दी एक विषय के रू प में रहा हो, और जिनके पास हिन्दी में शब्दावली कार्य का और/या अधिमानत संसदीय कार्य का अंग्रेजी से हिन्दी या हिन्दी से अंग्रेजी में अनुवाद कार्य का पांच वर्ष का अनुभव हो, या हिन्दी में शिक्षण अनुसंधान, लेकिन या पत्रकारिता का पांच वर्ष का अनुभव। (II) ऐसे विभागीय हिन्दी अनुवादक श्रेणी - I जिन्होंने उस श्रेणी में छह वर्ष नियमित सेवा की है । बाह्य व्यक्तियों के साथ विचार किया जाएगा यदि उसकी नियुक्ति के लिए चयन हो जाता है/जाती है तो वह प्रान्ेनति द्वारा भरा समझा जाएगा। प्रोषक प्रार्थी के ऐसे विभागीय अधिकारी जो प्रोन्नति की सीधी पंक्ति में हैं प्रतिनियुक्ति पर नियुक्ति के लिए विचार किए जाने के पात्र नहीं होंगंे। इसी पकार प्रतिनियुक्ति व्यक्ति प्रोन्नति द्वारा नियुक्ति के लिए विचार किए जाने के पात्र नहीं होंगेंे। (प्रतिनियुक्ति की अवघि, जिसके अंतर्गत केन्द्रीय सरकार के उसी या किसी अन्य संगठन/विभाग में इस नियुक्ति से ठीक पहले धारित किसी अन्य काडर बाह्य पद पर प्रतिनियुक्ति की अवधि है, साधारणतया तीन वर्ष से अधिक नहीं होगी। प्रतिनियुक्ति द्वारा नियुक्ति के लिए अधिकतम आयु सीमा आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तारीख से 56 वर्ष से अधिक नहीं होगी ) |
| यदि विभागीय प्रोनति समिति है तो उसकी संरचना | भर्ती करने में किन परिस्थितियों में संघ लोक सेवा आयोग से परामर्श किया जाएगा | ||||
| (13) | (14) | ||||
| लागू नहीं होता | संघ लोक सेवा आयोग से परामर्श करना आवश्यक है। |
[फा.सं. एफ 4(1)/2001-प्रशासन]
डी. आर. तिवारी, संयुक्त सचिव
टिप्पण :- मूल नियम भारत के राजपत्र में सं.सा.का.नि. 1850 तारीख 29 नवम्बर, 1963 द्वारा प्रकाशित किए गए और पश्चात्वर्ती संशोधन
सा.का.नि. 1715 तारीख 9 दिसंबर,
1977 द्वारा किए गए थे ।
अधिसूचना
संसदीय कार्य मंत्रालय
नई दिल्ली, 8 जनवरी, 2002
सा0का0नि0 26 - राष्ट्रपति, संविधान के अनुच्छेद 309 के परंतुक
द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और संसदीय कार्य मंत्रालय (भर्ती और
सेवा शर्तें ) नियम 1963 को जिनका संबंध निजी सचिव के पद से है, उन बातों के सिवाय अधिक्रांत करते हुए, जिन्हें ऐसे अधिक्रमण से पहले
किया गया है या करने का लोप किया गया है, संसदीय कार्य मंत्रालय में निजी सचिव के पद पर भर्ती की पद्धति का विनियमन करने के
लिए निम्नलिखित नियम बनाते हैं, अर्थात् :-
1 संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ .- (1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम
संसदीय कार्य मंत्रालय, निजी सचिव भर्ती नियम, 2002 है ।
(2) ये राजपत्र में प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त्त होंगे।
2. पद-संख्या, वर्गीकरण और वेतनमान :- उक्त पद की संख्या, उसका
वर्गीकरण और उसका वेतनमान वह होगा, जो इन नियमों से उपाबद्ध
अनुसूची के स्तंभ 2 से स्तंभ 4 में
विनिर्दिष्ट हैं ।
3. भर्ती की पद्धति, आयु-सीमा, और अर्हताएं आदि : उक्त पद पर
भर्ती की पद्धति, आयु-सीमा, अर्हताएं और उनसे संबंधित अन्य बातें वे होंगी
जो उक्त अनुसूची के स्तंभ 5 से स्तंभ
14 में विनिर्दिष्ट हैं ।
4. निरर्हता : वह व्यक्ति -
(क) जिसने ऐसे
व्यक्ति से जिसका पति या जिसकी पत्नी जीवित है, विवाह किया है, या
(ख) जिसने अपने
पति या अपनी पत्नी के जीवित रहते हुए किसी व्यक्ति से विवाह किया है,
उक्त पद पर नियुक्ति का पात्र नहीं होगा ।
परन्तु यदि केन्द्रीय सरकार का यह समाधान हो जाता है कि ऐसा
विवाह ऐसे व्यक्ति और विवाह के अन्य पक्षकार को लागू स्वीय विधि के
अधीन अनुज्ञेय है और ऐसा करने के लिए
अन्य आधार हैं तो वह किसी व्यक्ति को इस नियम के प्रवर्तन से छूट दे सकेगी ।
5. शिथिल करने की शक्ति : - जहां केन्द्रीय सरकार की यह राय है
कि ऐसा करना आवश्यक या समीचीन है, वहां वह उसके लिए जो कारण हैं
उन्हें लेखबद्ध करके, तथा संघ लोक सेवा आयोग से परामर्श करके, इन नियमों के किसी उपबंध को किसी वर्ग या प्रवर्ग के व्यक्तियों की
बाबत, आदेश द्वारा शिथिल कर सकेगी ।
6. व्यावृत्ति:- इन नियमों की कोई बात, ऐसे आरक्षण, आयु-सीमा
में छूट और अन्य रियायतों पर प्रभाव नहीं डालेगी, जिनका केन्द्रीय सरकार
द्वारा इस संबंध में समय-समय पर निकाले गए आदेशों के अनुसार अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़े वर्गों, भूतपूर्व
सैनिकों और अन्य विशेष प्रवर्ग के
व्यक्तियों के लिए उपबंध करना अपेक्षित है ।
7. पद का अस्थाई रू प से उनत करना:- (I) संसदीय कार्य मंत्री के
प्रथम व्यक्तिक सहायक और सहायक निजी सचिव और संसदीय कार्य उप मंत्री
के प्रथम व्यैक्तिक सहायक के सभी पद निजी सचिव के ग्रेड के भाग बनेंगे। जबकि इसी ग्रेड में सभी या कोई ऐसे पद मंत्रालय द्वारा इसी
ग्रेड से निकाले हुए धोषित किए जा सकेंगे ! तथापि लोकहित में यदि यह आवश्यक है तो आशुलिपिक सेवा के समुचित ग्रेड के किसी
अधिकारी से अतिरिक्त व्यक्तियों से ऐसे पद या पदों को भरा जाएगा और जब तक ऐसी घोषणा लागू रहती है तब तक इस ग्रेड से बाहर
रहेंगे।
(II) यदि जब तक प्रथम व्यैक्तिक सहायक संसदीय कार्य मंत्री या संसदीय कार्य उप मंत्री या सहायक निजी सचिव, संसदीय कार्य मंत्री के एक या
अधिक पद मंत्रालय की आशुलिपिक सेवा के अधिकारियों से भिन व्यक्तियों की नियुक्ति द्वारा या मंत्रालय की आशुलिपिक सेवा के ऐसे
अधिकारी द्वारा जो निजी सचिव के ग्रेड की प्रोनति के लिए अनुमोदित नहीं है या यदि उस ग्रेड में प्रोनति के लिए अनुमोदित है के द्वारा,
ऐसी प्रोनति के लिए देय नहीं है, व्यैक्तिक सहायक के ग्रेड के पदों को तत्संबंधी संख्या निजी सचिव के ग्रेड में अस्थाई रू प से उनत किया
जा सकता है। ऐसे अस्थाई रू प से उनत पदों पर व्यैक्तिक सहायक के ग्रेड के पात्र अधिकारियों द्वारा तदर्थ आधार पर नियुक्ति की जाएगी।
अनुसूची
| पद का नाम | पदों की संख्या | वर्गीकरण | वेतनमान | चयन-सह-ज्येष्टता या योग्यता के आधार पर चयन अथवा अचयन पद | सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए आयु सीमा |
| (1) | (2) | (3) | (4) | (5) | (6) |
| निजी सचिव | *1 (2002) *कार्यभार के आधार पर परिवर्तन किया जा सकता है। |
साधारण केन्द्रीय सेवा समूह ``ख`` अराजपत्रित, अनुसचिवीय | रू . 6500-200-10500 | चयन-सह- ज्येष्ठता | लागू नहीं होता |
| सेवा में जोड़े गए वर्षों का फायदा केन्द्रीय सिविल सेवा (पेंशन ) नियम, 1972 के नियम 30 के अधीन अनुज्ञेय हैं या नहीं | सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए अपेक्षित शैक्षिक और अन्य अर्हताएं | सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए विहित आयु और शैक्षिक अर्हताएं प्रोनत व्यक्तियों की दशा में लागू होंगी या नहीं | परिवीक्षा की अवधि, यदि कोई हो | भर्ती की पद्धति: भर्ती सीधे होगी या प्रोनति द्वारा या प्रतिनियुक्ति या आमेलन द्वारा तथा विभिन पद्धतियों द्वारा भरे जाने वाले पदों की प्रतिशतता | प्रोनति/प्रतिनियुक्ति/आमेलन द्वारा भर्ती की दशा में वे श्रेणियों जिनसे प्रोनति/प्रतिनियुक्ति/आमेलन किया जाएगा |
| (7) | (8) | (9) | (10) | (11) | (12) |
| लागू नहीं होता | लागू नहीं होता | लागू नहीं होता | प्रोनत व्यक्तियों के लिए दो वर्ष। | प्रोनति जिसके न हो सकने पर प्रतिनियुक्ति द्वारा | प्रोनति: ऐसे निजी सहायक जिन्होंनेे उस श्रेणी में आठ वर्ष
नियमित सेवा की है। प्रतिनियुक्ति :- केन्द्रीय सरकार/राज्य सरकारों/संघ राज्य क्षेत्रों के अधीन ऐसे अधिकारी :- (क)(i) जो मूल काडर/विभाग में नियमित आधार पर सदृश पद धारण किए हुए हैं, या (ii) जिन्होंने मूल काडर/विभाग में 5500-9000 रू . के या समतुल्य वेतनमान नियमित आधार पर नियुक्ति के पश्चात् आठ वर्ष सेवा की है, या (iii) जिन्होंने मूल काडर/विभाग में 5000-8000 रू . के या समतुल्य वेतनमान में नियमित आधार पर नियुक्ति के पश्चात् दस वर्ष सेवा की है, या (ख) (i) जिनके पास आशुलिपि (अंग्रेजी/हिन्दी) में सौ शब्द प्रति मिनट की गति है ; और (ii) जिनके पास अंग्रेजी/हिन्दी आशुलिपि में तीन वर्ष का अनुभव है। टिप्पण :- पोषक प्रवर्ग के ऐसे विभागीय अधिकारी, जो प्रोनति की सीधी पंक्ति में हैं, प्रतिनियुक्ति पर नियुक्ति के लिए विचार किए जाने के पात्र नहीं होंगे । इसी प्रकार प्रतिनियुक्ति व्यक्ति प्रोनति द्वारा नियुक्ति के लिए विचार किए जाने के पात्र नहीं होंगे । प्रतिनियुक्ति की अवधि, जिसके अंतर्गत केन्द्रीय सरकार के उसी या किसी अन्य संगठन/विभाग में इस नियुक्ति से ठीक पहले धारित किसी अन्य काडर बाह्य पद पर प्रतिनियुक्ति की अवधि है, साधारणतया तीन वर्ष से अधिक नहीं होगी । प्रतिनियुक्ति द्वारा नियुक्ति के लिए अधिकतम आयु सीमा आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तारीख को 56 वर्ष से अधिक नहीं होगी । |
| यदि विभागीय प्रोनति समिति है तो उसकी संरचना | भर्ती करने में किन परिस्थितियों में संघ लोक सेवा आयोग से परामर्श किया जाएगा | ||||
| (13) | (14) | ||||
| समूह ''ख'' विभागीय प्रोनति समिति (प्रोनति के लिए) : 1. सचिव, संसदीय कार्य मंत्रालय - अध्यक्ष 2. उप सचिव (प्रशासन) संसदीय कार्य मंत्रालय - सदस्य 3. अन्य मंत्रालय/विभाग के अवर सचिव या - सदस्य ऊपर की पंक्ति का नाम निर्देशती |
राज्य सरकार या संघ राज्य क्षेत्रों से प्रतिनियुक्ति पर अधिकारियों को नियुक्त करते समय संघ लोक सेवा आयोग से परामर्श करना आवश्यक है। |
[फा.सं. एफ 4(1)/2001-प्रशासन]
पी. एस. मल्होत्रा, अवर सचिव
टिप्पण :- मंत्रालय के मूल नियम अधिसूचना सं.सा.का.नि. 1850 तारीख 29 नवम्बर, 1963 द्वारा राजपत्र में प्रकाशित हुए थेे और तत्पश्चात
समय-समय पर संशोधित हुए और अन्त में अधिसूचना सं.सा.का.नि. 260
तारीख 3 जून, 1996 द्वारा संशोधित हुए ।
अधिसूचना
संसदीय कार्य मंत्रालय
नई दिल्ली, 28 फरवरी, 2002
सा0का0नि0 76 - राष्ट्रपति, संविधान के अनुच्छेद 309 के परंतुक
द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और संसदीय कार्य मंत्रालय (भर्ती और
सेवा शर्तें ) नियम 1963 को जहां तक उनका संबंध सहायक के पद से है, उन बातों के सिवाय अधिक्रांत करते हुए, जिन्हें ऐसे अधिक्रमण से
पहले किया गया है या करने का लोप किया गया है, संसदीय कार्य मंत्रालय में सहायक के पद पर भर्ती की पद्धति का विनियमन करने के
लिए निम्नलिखित नियम बनाते हैं, अर्थात् :-
1 संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ .- (1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम
संसदीय कार्य मंत्रालय, सहायक भर्ती नियम, 2002 है ।
(2) ये राजपत्र में प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त्त होंगे।
2. पद-संख्या, वर्गीकरण और वेतनमान :- उक्त पद की संख्या, उसका
वर्गीकरण और उसका वेतनमान वह होगा, जो इन नियमों से उपाबद्ध
अनुसूची के स्तंभ 2 से स्तंभ 4 में
विनिर्दिष्ट हैं ।
3. भर्ती की पद्धति, आयु-सीमा, और अन्य अर्हताएं आदि : उक्त पद
पर भर्ती की पद्धति, आयु-सीमा, अर्हताएं और अन्य अर्हताएं और उससे/उनसे
संबंधित अन्य बातें वे होंगी जो उक्त
अनुसूची के स्तंभ 5 से स्तंभ 14 में विनिर्दिष्ट हैं ।
4. निरर्हता : वह व्यक्ति -
(क) जिसने ऐसे व्यक्ति से जिसका पति या
जिसकी पत्नी जीवित है, विवाह किया है, या
(ख) जिसने अपने पति या अपनी पत्नी के
जीवित रहते हुए किसी व्यक्ति से विवाह किया है,
उक्त पद पर नियुक्ति का पात्र नहीं होगा ।
परन्तु यदि केन्द्रीय सरकार का यह समाधान हो जाता है कि ऐसा
विवाह ऐसे व्यक्ति और विवाह के अन्य पक्षकार को लागू स्वीय विधि के
अधीन अनुज्ञेय है और ऐसा करने के लिए अन्य आधार हैं तो वह किसी
व्यक्ति को इस नियम के प्रवर्तन से छूट दे सकेगी ।
5. शिथिल करने की शक्ति : - जहां केन्द्रीय सरकार की यह राय है
कि ऐसा करना आवश्यक या समीचीन है, वहां वह उसके लिए जो कारण हैं
उन्हें लेखबद्ध करके, तथा संघ लोक सेवा आयोग से परामर्श करके, इन नियमों के किसी उपबंध को किसी वर्ग या प्रवर्ग के व्यक्तियों की
बाबत, आदेश द्वारा शिथिल कर सकेगी ।
6. व्यावृत्ति:- इन नियमों की कोई बात, ऐसे आरक्षण, आयु-सीमा
में छूट और अन्य रियायतों पर प्रभाव नहीं डालेगी, जिनका केन्द्रीय सरकार
द्वारा इस संबंध में समय-समय पर निकाले गए आदेशों के अनुसार अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़े वर्गों, भूतपूर्व
सैनिकों और अन्य विशेष प्रवर्ग के व्यक्तियों के लिए उपबंध करना अपेक्षित है।
अनुसूची
| पद का नाम | पदों की संख्या | वर्गीकरण | वेतनमान | योग्यता के आधार पर चयन या चयन-सह-ज्येष्टता अथवा अचयन पद | सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए आयु सीमा |
| (1) | (2) | (3) | (4) | (5) | (6) |
| सहायक | *21 (2002) *कार्यभार के आधार पर परिवर्तन किया जा सकता है। |
साधारण केन्द्रीय सेवा समूह ``ख`` अराजपत्रित, अनुसचिवीय | रू . 5500-175-9000 | चयन-सह- ज्येष्ठता | कर्मचारी चयन आयोग द्वारा यथा विहित सम्मिलित स्नातक स्तर
परीक्षा के लिए (केन्द्रीय सरकार द्वारा जारी किए गए अनुदेशों या आदेशों के अनुसार सरकारी सेवकों के लिए पांच वर्ष तक शिथिल की जा सकती है।) टिप्पण : आयु सीमा अवधारित करने के लिए निर्णायक तारीख भारत में अभ्यर्थियों से आवेदन प्राप्त करने के लिए नियत की गई अंतिम तारीख होगी। न कि वह अंतिम तारीख जो असम, मेघालय, अरूणाचल प्रदेश, लद़दाख खंड, हिमाचल प्रदेश के लाहौल और स्पीति जिले तथा चम्बा जिले के पांगी उपखंड, अंदमान और निकोबार द्वीप या लक्षद्वीप के अभ्यर्थियों के लिए विहित की गई है। |
| सेवा में जोड़े गए वर्षों का फायदा केन्द्रीय सिविल सेवा (पेंशन ) नियम, 1972 के नियम 30 के अधीन अनुज्ञेय हैं या नहीं | सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए अपेक्षित शैक्षिक और अन्य अर्हताएं | सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए विहित आयु और शैक्षिक अर्हताएं प्रोनत व्यक्तियों की दशा में लागू होंगी या नहीं | परिवीक्षा की अवधि, यदि कोई हो | भर्ती की पद्धति: भर्ती सीधे होगी या प्रोनति द्वारा या प्रतिनियुक्ति या आमेलन द्वारा तथा विभिन पद्धतियों द्वारा भरे जाने वाले पदों की प्रतिशतता | प्रोनति/प्रतिनियुक्ति/आमेलन द्वारा भर्ती की दशा में वे श्रेणियों जिनसे प्रोनति/प्रतिनियुक्ति/आमेलन किया जाएगा |
| (7) | (8) | (9) | (10) | (11) | (12) |
| लागू नहीं होता | आवश्यक: सम्मिलित स्नातक स्तर परीक्षा के लिए कर्मचारी चयन आयोग द्वारा यथा विहित । |
नहीं | सीधी भर्ती और प्रोनत किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए दो वर्ष । | (1) 50 प्रतिशत प्रोनति द्वारा जिसके न हो सकने पर
प्रतिनियुक्ति द्वारा,
|
प्रोनति: ऐसे उच्च श्रेणी लिपिक जिन्होंने उस श्रेणी में पांच
वर्ष नियमित सेवा की है। टिप्पण : जहां ऐसे कनिष्ठ व्यक्तियों के संबंध में, जिन्होंने अपनी अर्हक/पात्रता सेवा पूरी कर ली है, प्रोनति के लिए विचार किया जा रहा हो वहां उनसे ज्येष्ठ व्यक्तियों के संबंध में भी विचार किया जाएगा परन्तु यह तब जबकि उनके द्वारा की गई ऐसी अर्हक/पात्रता सेवा, अपेक्षित अर्हक/पात्रता सेवा के आधे से अधिक से या दो वर्ष से, इनमें से जो भी कम हो, कम न हो उन्होंने अपने ऐसे कनिष्ठ व्यक्तियों सहित जिन्होंने ऐसी अर्हक/पात्रता सेवा पहले ही पूरी कर ली है, अगली उच्चरत श्रेणी में प्रोनति के लिए अपनी परिवीक्षा की अवधि सफलतापूर्वक पूरी कर ली हो। प्रतिनियुक्ति :- (1) केन्द्रीय/राज्य सरकार या राज्य सरकारों या संघ राज्य क्षेत्रों के अधीन ऐसे अधिकारी :- (क)(1) जो मूल काडर/विभाग में नियमित आधार पर सदृश पद धारण किए हुए हैं, या (2) जिन्होंने मूल काडर या विभाग में 5000-8000 रू . या समतुल्य वेतनमान नियमित आधार पर नियुक्ति के पश्चात् उस श्रेणी में तीन वर्ष सेवा की है, या (3) जिन्होंने मूल काडर या विभाग में 4500-7000 रू . या समतुल्य वेतनमान में नियमित आधार पर नियुक्ति के पश्चात् उस श्रेणी में छह वर्ष सेवा की है, या (4) जिन्होंने मूल काडर या विभाग में 4000-6000 रू . या समतुल्य वेतनमान में नियमित आधार पर नियुक्ति के पश्चात् उस श्रेणी में दस वर्ष सेवा की है, और (ख) जिनके पास स्तंभ के अधीन विहित शैक्षित अर्हताएं हैं। टिप्पण :- पोषक प्रवर्ग के ऐसे विभागीय अधिकारी, जो प्रोनति की सीधी पंक्ति में हैं, प्रतिनियुक्ति पर नियुक्ति के लिए विचार किए जाने के पात्र नहीं होंगे । इसी प्रकार प्रतिनियुक्ति व्यक्ति प्रोनति द्वारा नियुक्ति के लिए विचार किए जाने के पात्र नहीं होंगे । प्रतिनियुक्ति/संविदा की अवधि, जिसके अंतर्गत केन्द्रीय सरकार के उसी या किसी अन्य संगठन/विभाग में इस नियुक्ति से ठीक पहले धारित किसी अन्य काडर बाह्य पद पर प्रतिनियुक्ति की अवधि है, साधारणतया तीन वर्ष से अधिक नहीं होगी । प्रतिनियुक्ति पर नियुक्ति के लिए अधिकतम आयु सीमा आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तारीख को 56 वर्ष से अधिक नहीं होगी । |
| यदि विभागीय प्रोनति समिति है तो उसकी संरचना | भर्ती करने में किन परिस्थितियों में संघ लोक सेवा आयोग से परामर्श किया जाएगा | ||||
| (13) | (14) | ||||
| (प्रोनति या पुष्टि के संबंध में विचार करने के लिये ):- 1. सचिव, संसदीय कार्य मंत्रालय - अध्यक्ष 2. उप सचिव (प्रशासन) संसदीय कार्य मंत्रालय - सदस्य 3. अवर सचिव और ऊपर के रैंक के अन्य - सदस्य मंत्रालयों के नाम निर्देशिती |
प्रतिनियुक्ति पर राज्य सरकारों या संघ राज्य क्षेत्रों से
अधिकारियों की नियुक्ति करते समय संघ लोक सेवा आयोग से परामर्श करना आवश्यक है
। |
[फा.सं. एफ 4(1)/2001-प्रशासन]
पी. एस. मल्होत्रा, अवर सचिव
टिप्पण :- मंत्रालय के मूल नियम, सं.सा.का.नि. 1850 तारीख 29
नवम्बर, 1963 द्वारा भारत के राजपत्र में प्रकाशित हुये थे और तत्पश्चात उनमें
समय-समय पर संशोधन किए गये और अंतिम संशोधन अधिसूचना सं.सा.का.नि. 457 (अ) तारीख 29 मई 1995 द्वारा किया गया ।
अधिसूचना
संसदीय कार्य मंत्रालय
नई दिल्ली, 27 जून, 2001
सा.का.नि. 361- राष्ट्रपति, संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक
द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और संसदीय कार्य मंत्रालय, (भर्ती और
सेवा शर्तें) नियम 1963 को, जहां तक उनका संबंध लेखापाल के पद से है, अधिक्रांत करते हुए, सिवाय उन बतों के जिन्हें ऐसे अधिक्रमण से
पहले किया गया है या करने से लोप किया गया है संसदीय कार्य मंत्रालय में लेखापाल के पद पर भर्ती की पद्वति का विनियमन करने के
लिए निम्नलिखित नियम बनाते हैं अर्थात् :-
1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ :- (1) इन नियमों का संक्षिप्त
नाम संसदीय कार्य मंत्रालय लेखापाल भर्ती नियम, 2001 है
(2) ये राजपत्र में प्रकाशन की तारीख को प्रवृत होंगे।
2. पद संख्या, वर्गीकरण और वेतनमान :- उक्त पद की संख्या, उसका
वर्गीकरण और उसका वेतनमान वह होगा जो इन नियमों से उपाबद्व
अनुसूची के स्तम्भ 2 से स्तम्भ 4 में विनिर्दिष्ट है।
3. भर्ती की पद्वति, आयु सीमा और अर्हताएं आदि :- उक्त पद भर्ती की पद्वति, आयु सीमा, अर्हताएं और उससे संबंधित अन्य बातें वे होंगी जो
उक्त अनुसूची के स्तम्भ 5 से स्तम्भ 14 में विनिर्दिष्ट है।
4. निरर्हता :- वह व्यक्ति -
(क) जिसने ऐसे व्यक्ति से जिसका पति या जिसकी पत्नी जीवित है,
विवाह किया है, या विवाह की संविदा की है, या
(ख) जिसने अपने पति या अपनी पत्नी के जीवित रहते हुए किसी
व्यक्ति से विवाह किया है, या विवाह की संविदा की है
उक्त पद पर नियुक्ति का पात्र नहीं होगा :
परन्तु यदि केन्द्रीय सरकार का यह समाधान हो जाता हे कि ऐसा विवाह ऐसे व्यक्ति और विवाह के अन्य पक्षकार को लागू स्वीय विधि के
अधीन अनुळ्ोय है और ऐसा करने के लिए अन्य आधार हैं तो वह किसी
व्यक्ति को इस नियम के प्रवर्तन से छूट दे सकेगी।
5. शिथिल करने की शक्ति :- जहां केन्द्रीय सरकार की यह राय हे कि ऐसा करना आवश्यक या समीचीन है, वहां वह उसके लिए जो कारण हैं
उन्हें लेखबद्व करके इन नियमों के किसी उपबंध को किसी वर्ग या
प्रवर्ग के व्यक्तियों की बाबत, आदेश द्वारा शिथिल कर सकेगी।
6. व्यावृत्ति :- इन नियमों की कोई बात, ऐसे आरक्षण, आयु सीमा में छूट और अन्य रियायतों पर प्रभाव नहीं डालेगी, जिनका केन्द्रीय सरकार
द्वारा इस संबंध में समय समय पर निकाले गये आदेशों के अनुसार अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जन जातियों और अन्य पिछड़े वर्गो, भूतपूर्व
सैनिकों और अन्य विशेष प्रवर्ग के व्यक्तियों के लिए उपबंध करना
अपेक्षित है।
अनुसूची
| पद का नाम | पदों की संख्य | वर्गीकरण | वेतनमान (रू .) | चयन-सह-ज्येष्ठता या योग्यता के आधार पर चयन अथवा अचयन पद | सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए आयु सीमा |
| (1) | (2) | (3) | (4) | (5) | (6) |
| लेखापाल | *1 (2001) *कार्यभार के आधार पर परिवर्तन किया जा सकता है। |
साधारण केन्द्रीय सेवा, समूह 'ख' अराजपत्रित अननुसचिवीय | 5500-175-9000 | लागू नहीं होता | लागू नहीं होता |
| सेवा में जोड़े गए वर्षों का फायदा केन्द्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1972 के नियम 30 के अधीन अनुळ्ोय है या नहीं | सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए अपेक्षित शैक्षिक और अन्य अर्हताएं | सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए विहित आयु और शैक्षिक अर्हताएं प्रोन्नत व्यक्तियों की दशा में लागू होंगी या नहीं | परिवीक्षा की अवधि यदि कोई हो | भर्ती की पद्वति: भर्ती सीधे होगी या प्रोन्नति द्वारा या प्रतिनियुक्ति/आमेलन द्वारा तथा विभिन्न पद्वतियों द्वारा भरे जाने वाले पदों की प्रतिशतता | प्रोन्नति/प्रतिनियुक्ति/आमेलन द्वारा भर्ती की दशा में वे श्रेणियां जिनसे प्रोन्नति/प्रतिनियुक्ति/आमेलन किया जाएगा |
| (7) | (8) | (9) | (10) | (11) | (12) |
| लागू नहीं होता | लागू नहीं होता | लागू नहीं होता | शून्य | प्रतिनियुक्ति | प्रतिनियुक्ति : केन्द्रीय सरकार के ऐसे अधिकारी :- (क) (i) जो नियमित आधार पर सदृश पद धारण किए हुए हैं, या (ii) जिन्होंने 4500-7000 रू . या समतुल्य वेतनमान पदों पर छ: वर्ष नियमित सेवा की हो, या (iii) जिन्होंने 4000-6000 रू . या समतुल्य वेतनमान वाले पदों में आठ वर्ष नियमित सेवा की है, और (ख) जिनके पास निम्नलिखित अर्हताएं हैं :- सचिवालय प्रशिक्षण और प्रबंधन संस्थान द्वारा संचालित रोकड़, लेखा में प्रशिक्षण या समतुल्य सफलतापूर्वक पूरा किया हो और रोकड़, लेखा और बजट कार्य में 3 वर्ष का अनुभव हो। या केन्द्रीय सरकार के किसी संगठित लेखा विभाग द्वारा संचालित अधीनस्थ लेखा सेवा या समतुल्य परीक्षा उत्तीर्ण हो। (प्रतिनियुक्ति की अवधि, जिसके अंतर्गत केन्द्रीय सरकार के उसी या किसी अन्य संगठन/विभाग में इस नियुक्ति से ठीक पहले धारित किसी अन्य काडर बाह्य पद पर प्रतिनियुक्ति की अवधि है, साधारणतया तीन वर्ष से अधिक नहीं होगी। प्रतिनियुक्ति द्वारा नियुक्ति के लिए अधिकतम आयु सीमा आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तारीख को 56 वर्ष से अधिक नहीं होगी।) |
| यदि विभागीय प्रोन्नति समिति है तो उसकी संरचना | भर्ती करने में किन परिस्थितियों में संघ लोक सेवा आयोग से परामर्श किया जाएगा। | ||||
| (13) | (14) | ||||
| लागू नहीं होता | संघ लोक सेवा आयोग से परामर्श करना आवश्यक नहीं है। |
[फा.सं.एफ 4(1)/2001-प्रशासन]
डी.आर.तिवारी, संयुक्त सचिव
टिप्पण :- मूल नियम भारत के राजपत्र में अधिसूचना सा.का.नि.
1850, तारीख 29 नवंम्बर, 1963 द्वारा प्रकाशित किए गए। अधिसूचना
सं.सा.का.नि. 1071, तारिख 29 जुलाई, 1978 द्वारा पश्चात्वर्ती संशोधन किए गए।
अधिसूचना
संसदीय कार्य मंत्रालय
नई दिल्ली, 21 जून, 2001
सा.का.नि. 348 - राष्ट्रपति, संविधान के अनुच्छेद 309 के
परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और भारत के राजपत्र के भाग II
खंड 3
उपखंड (i) में प्रकाशित भारत सरकार संसदीय कार्य मंत्रालय, अधिसूचना संख्या सा.का.नि. 1850 तारीख 29, नवम्बर 1963 को उन बातों के
सिवाय जिन्हें इस अधिक्रमण से पूर्व किया गया है या करने का लोप किया गया है, अधिक्रांत करते हुए संसदीय कार्य मंत्रालय में अनुसंधान
सहायक (कार्य अध्ययन) के पद पर भर्ती की पद्वति का विनियमन करने
के लिए निम्नलिखित नियम बनाते हैं, अर्थात् :-
1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ :- (1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम संसदीय कार्य मंत्रालय अनुसंधान सहायक (कार्य अध्ययन) समूह 'ख' (अराजपत्रित)
भर्ती नियम, 2001 हैं।
(2) ये राजपत्र में प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे।
2. पद संख्या, वर्गीकरण और वेतनमान :- उक्त पद की संख्या, उसका वर्गीकरण और उसका वेतनमान वह होगा जो इन नियमों से उपाबद्व
अनुसूची के स्तम्भ 2 से स्तम्भ 4 में
विनिर्दिष्ट है।
3. भर्ती की पद्धति, आयु सीमा और अर्हताएं आदि :- उक्त पद पर भर्ती की पद्धति, आयु सीमा, अर्हताएं और उससे संबंधित अन्य बातें वे होंगी
जो उक्त अनुसूची के स्तम्भ 5 से स्तम्भ
14 में विनिर्दिष्ट हैं।
4. निरर्हता :- वह व्यक्ति -
(क) जिनसे ऐसे व्यक्ति से जिसका पति या
जिसकी पत्नी जीवित है, या विवाह करने की संविदा की है, या
(ख) जिसने अपने पति या अपनी पत्नी के
जीवित रहते हुए किसी व्यक्ति से विवाह किया है, या विवाह करने की संविदा की है
उक्त पद पर नियुक्ति का पात्र नहीं होगा :
परन्तु यदि केन्द्रीय सरकार का यह समाधान हो जाता है कि ऐसा विवाह ऐसे व्यक्ति और विवाह के अन्य पक्षकार को लागू स्वीय विधि के
अधीन अनुळ्ोय है और ऐसा करने के लिए अन्य आधार हैं तो वह किसी
व्यक्ति को इस नियम के प्रवर्तन से छूट दे सकेगी।
5. शिथिल करने की शक्ति :- जहां केन्द्रीय सरकार की यह राय है कि ऐसा करना आवश्यक या समीचीन है, वहां वह उसके लिए जो कारण हैं
उन्हें लेखबद्ध करके इन नियमों के किसी
उपबंध को किसी वर्ग या प्रवर्ग के व्यक्तियों की बाबत, आदेश द्वारा शिथिल कर सकेगी।
6. व्यावृत्ति :- इन नियमों की कोई बात, ऐसे आरक्षण, आयु सीमा में छूट और अन्य रियायतों पर प्रभाव नहीं डालेगी, जिनका केन्द्रीय सरकार
द्वारा इस संबंध में समय-समय पर निकाले गए आदेशों के अनुसार अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गो,
भूतपूर्व सैनिकों और अन्य विशेष
प्रवर्ग के व्यक्तियों के लिए उपबंध करना अपेक्षित है।
अनुसूची
| पद का नाम | पदों की संख्या | वर्गीकरण | वेतनमान | चयन सह ज्येष्ठता या योग्यता के आधार पर चयन अथवा अचयन पद | सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए आयु सीमा |
| (1) | (2) | (3) | (4) | (5) | (6) |
| अनुसंधान सहायक
(कार्य अध्ययन) |
1* (2001) * कार्यभार के आधार पर परिवर्तन किया जा सकता है। |
साधारण केन्द्रीय सेवा, समूह 'ख' अराजपत्रित, अननुसचिवीय | 5500-175-9000 रू . | लागू नहीं होता | लागू नहीं होता |
| सेवा में जोड़े गए वर्षों का फायदा केन्द्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1972 के नियम 30 के अधीन अनुळ्ोय हैं या नहीं | सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए अपेक्षित शैक्षिक और अन्य अर्हताएं | सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए विहित आयु और शैक्षिक अर्हताएं प्रोन्नत व्यक्तियों की दशा में लागू होंगी या नहीं | परिवीक्षा की अवधि यदि कोई हो | भर्ती की पद्धति : भर्ती सीधे होगी या प्रोन्नति द्वारा या प्रतिनियुक्ति/आमेलन द्वारा तथा विभिन्न पद्धतियों द्वारा भरे जाने वाले पदों की प्रतिशतता | प्रोन्नति/प्रतिनियुक्ति/आमेलन द्वारा भर्ती की दशा में वे श्रेणियां जिनसे प्रोन्नति/प्रतिनियुक्ति/आमेलन किया जाएगा |
| (7) | (8) | (9) | (10) | (11) | (12) |
| लागू नहीं होता | लागू नहीं होता | लागू नहीं होता | लागू नहीं होता | प्रतिनियुक्ति (सशस्त्र बल) कार्मिक के लिए प्रतिनियुक्ति या पुनर्नियोजन) | प्रतिनियुक्ति : केन्द्रीय सरकार के ऐसे अधिकारी :- (क) (i) जो नियमित आधार पर सदृश पद धारण किए हुए हैं, या (ii) जिन्होंने 5000-8000 रू . या समतुल्य वेतनमान वाले पदों पर तीन वर्ष नियमित सेवा की हो, या (iii) जिन्होंने 4500-7000 रू . या समतुल्य वेतनमान वाले पदों पर छह वर्ष नियमित सेवा की हो, या (iv) जिन्होंने 4000-6000 रू . या समतुल्य वेतनमान वाले पदों पर दस वर्ष नियमित सेवा की हो, और (ख) (i) जिनके पास किसी मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय से डिग्री या समतुल्य हो (ii) जिन्होंने सचिवालय प्रशिक्षण और प्रबंधन संस्थान का आधारिक पाठ्यक्रम या किसी अन्य मान्यताप्राप्त संस्थान से समतुल्य प्रशिक्षण सफलतापूर्वक प्राप्त किया हो या जिनके पास कार्य अध्ययन या संगठन और पद्धति का विश्लेषणात्मक या सांख्यिकी या संक्रिया अनुसंधान या अन्य प्रबंधन अनुसंधान तकनीकी के उपयोजन में एक वर्ष का अनुभव हो। पुनर्नियोजन या प्रतिनियुक्ति (सशस्त्र बल कार्मिकों के लिए) : सशस्त्र बल के ऐसे कार्मिकों के संबंध में भी विचार किया जाएगा जो एक वर्ष की अवधि के भीतर सेवानिवृत्त होने वाले हैं या रिजर्व में स्थानान्तरित किए जाने वाले हैं और जिनके पास अपेक्षित अनुभव और विहित अर्हताएं हैं। ऐसे व्यक्तियों को उस तारीख तक प्रतिनियुक्ति के निबंधनों पर रखा जाएगा जिस तारीख से उन्हें सशस्त्र बल से निर्मुक्त किया जाना है; तत्पश्चात् उन्हें पुनर्नियोजन पर बने रहने दिया जा सकता है। |
| यदि विभागीय प्रोन्नति समिति है तो उसकी संरचना | भर्ती करने में किन परिस्थितियों में संघ लोक सेवा आयोग से परामर्श किया जाएगा | ||||
| (13) | (14) | ||||
| लागू नहीं होता | संघ लोक सेवा आयोग से परामर्श करना आवश्यक है जब सशस्त्र बल कार्मिक प्रतिनियुक्ति या पुननियोर्जन के लिए अन्य व्यक्तियों के साथ चयन के क्षेत्र में हो। |
[फा.सं.एफ. 4(1)/2001-प्रशासन]
डी. आर. तिवारी, संयुक्त सचिव
टिप्पणी: मूल नियम सा.का.नि. 1850 तारीख 29 नवम्बर, 1963 द्वारा
बनाए गए और पश्चात्वर्ती संशोधन सा.का.नि. 1287 तारीख 26 नवम्बर, 1980
द्वारा किये गये।
अधिसूचना
संसदीय कार्य मंत्रालय
नई दिल्ली, 9 जनवरी, 2002
सा0का0नि0 27 - राष्ट्रपति, संविधान के अनुच्छेद 309 के परंतुक
द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और संसदीय कार्य मंत्रालय (भर्ती और
सेवा शर्तें ) नियम 1963 को जिनका संबंध व्यैक्तिक सहायक के पद से है, उन बातों के सिवाय अधिक्रांत करते हुए, जिन्हें ऐसे अधिक्रमण से
पहले किया गया है या करने का लोप किया गया है, संसदीय कार्य मंत्रालय में व्यैक्तिक सहायक के पद पर भर्ती की पद्धति का विनियमन
करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाते हैं, अर्थात् :-
1 संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ .- (1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम
संसदीय कार्य मंत्रालय, व्यैक्तिक सहायक भर्ती नियम, 2002 है ।
(2) ये राजपत्र में प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त्त होंगे।
2. पद-संख्या, वर्गीकरण और वेतनमान :- उक्त पद की संख्या, उसका
वर्गीकरण और उसका वेतनमान वह होगा, जो इन नियमों से उपाबद्ध
अनुसूची के स्तंभ 2 से स्तंभ 4 में
विनिर्दिष्ट हैं ।
3. भर्ती की पद्धति, आयु-सीमा, और अर्हताएं आदि : उक्त पद पर
भर्ती की पद्धति, आयु-सीमा, अर्हताएं और उनसे संबंधित अन्य बातें वे होंगी
जो उक्त अनुसूची के स्तंभ 5 से स्तंभ
14 में विनिर्दिष्ट हैं ।
4. निरर्हता : वह व्यक्ति -
(क) जिसने ऐसे व्यक्ति से जिसका पति या
जिसकी पत्नी जीवित है, विवाह किया है, या
(ख) जिसने अपने पति या अपनी पत्नी के
जीवित रहते हुए किसी व्यक्ति से विवाह किया है,
उक्त पद पर नियुक्ति का पात्र नहीं होगा ।
परन्तु यदि केन्द्रीय सरकार का यह समाधान हो जाता है कि ऐसा
विवाह ऐसे व्यक्ति और विवाह के अन्य पक्षकार को लागू स्वीय विधि के
अधीन अनुज्ञेय है और ऐसा करने के लिए अन्य आधार हैं तो वह किसी
व्यक्ति को इस नियम के प्रवर्तन से छूट दे सकेगी ।
5. शिथिल करने की शक्ति : - जहां केन्द्रीय सरकार की यह राय है
कि ऐसा करना आवश्यक या समीचीन है, वहां वह उसके लिए जो कारण हैं
उन्हें लेखबद्ध करके, तथा संघ लोक सेवा आयोग से परामर्श करके, इन नियमों के किसी उपबंध को किसी वर्ग या प्रवर्ग के व्यक्तियों की
बाबत, आदेश द्वारा शिथिल कर सकेगी ।
6. व्यावृत्ति:- इन नियमों की कोई बात, ऐसे आरक्षण, आयु-सीमा
में छूट और अन्य रियायतों पर प्रभाव नहीं डालेगी, जिनका केन्द्रीय सरकार
द्वारा इस संबंध में समय-समय पर निकाले गए आदेशों के अनुसार अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़े वर्गों, भूतपूर्व
सैनिकों और अन्य विशेष प्रवर्ग के
व्यक्तियों के लिए उपबंध करना अपेक्षित है ।
7. पद का अस्थाई रू प से उनत करना:- (I) संसदीय कार्य मंत्री तथा
संसदीय कार्य उप मंत्री के सभी द्वितीय व्यैक्तिक सहायक के पद व्यैक्तिक
सहायक के ग्रेड के भाग बनेंगे जबकि व्यैक्तिक सहायक के ग्रेड में सभी या कोई ऐसे पद मंत्रालय द्वारा इसी ग्रेड से निकाले हुए धोषित किए
जा सकेंगे तथापि लोकहित में यदि यह आवश्यक है तो अशुलिपिक सेवा के समुचित ग्रेड के किसी अधिकारी से अतिरिक्त व्यक्तियों से
ऐसे पद या पदों को भरा जाएगा और जब तक
ऐसी घोषणा प्रवृत्त रहती है तब तक इस ग्रेड से बाहर रहेंगे।
(II) यदि जब तक द्वितीय व्यैक्तिक सहायक संसदीय कार्य मंत्री या
संसदीय कार्य उप मंत्री के एक या अधिक मंत्रालय की आशुलिपिक सेवा के
अधिकारियों से भिन व्यक्तियों की नियुक्ति द्वारा या मंत्रालय की आशुलिपिक सेवा के ऐसे अधिकारी द्वारा जो व्यैक्तिक सहायक के ग्रेड की
प्रोनति के लिए अनुमोदित नहीं है या यदि उस ग्रेड में प्रोनति के लिए अनुमोदित है के द्वारा, ऐसी प्रोनति के लिए देय नहीं है, आशुलिपिक
के ग्रेड के पदों को तत्संबंधी संख्या व्यैक्तिक सहायक के ग्रेड में अस्थाई रू प से उनत किया जा सकता है। ऐसे अस्थाई रू प से उनत
पदों पर आशुलिपिक के ग्रेड के पात्र
अधिकारियों द्वारा तदर्थ आधार पर नियुक्ति की जाएगी ।
अनुसूची
| पद का नाम | पदों की संख्या | वर्गीकरण | वेतनमान | चयन-सह-ज्येष्टता या योग्यता के आधार पर चयन अथवा अचयन पद | सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए आयु सीमा |
| (1) | (2) | (3) | (4) | (5) | (6) |
| व्यैक्तिक सहायक | *4 (2002) *कार्यभार के आधार पर परिवर्तन किया जा सकता है। |
साधारण केन्द्रीय सेवा समूह ``ख`` अराजपत्रित, अननुसचिवीय | रू . 5500-175-9000 | चयन-सह- ज्येष्ठता |
कर्मचारी चयन आयोग द्वारा ली गई श्रेणी ''ग'' आशुलिपिक खुली प्रतियोगित परीक्षा के लिए यथाविहित
|
| सेवा में जोड़े गए वर्षों का फायदा केन्द्रीय सिविल सेवा (पेंशन ) नियम, 1972 के नियम 30 के अधीन अनुज्ञेय हैं या नहीं | सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए अपेक्षित शैक्षिक और अन्य अर्हताएं | सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए विहित आयु और शैक्षिक अर्हताएं प्रोनत व्यक्तियों की दशा में लागू होंगी या नहीं | परिवीक्षा की अवधि, यदि कोई हो | भर्ती की पद्धति: भर्ती सीधे होगी या प्रोनति द्वारा या प्रतिनियुक्ति या आमेलन द्वारा तथा विभिन पद्धतियों द्वारा भरे जाने वाले पदों की प्रतिशतता | प्रोनति/प्रतिनियुक्ति/आमेलन द्वारा भर्ती की दशा में वे श्रेणियाँ जिनसे प्रोनति/प्रतिनियुक्ति/आमेलन किया जाएगा |
| (7) | (8) | (9) | (10) | (11) | (12) |
| लागू नहीं होता | आवश्यक: (1) कर्मचारी चयन आयोग द्वारा ली गई श्रेणी ''ग'' आशुलिपिक खुली प्रतियोगिता परीक्षा के लिए यथाविहित। |
नहीं | सीधी भर्ती और प्रोनत व्यक्तियों के लिए दो वर्ष। | 1) 50 प्रतिशत प्रोनति द्वारा जिसके न हो सकने पर प्रतिनियुक्ति
द्वारा, और (2) 50 प्रतिशत कर्मचारी चयन आयोग द्वारा ली गई श्रेणी ''ग'' आशुलिपिक खुली प्रतियोगीता परीक्षा के माध्यम से सीधी भर्ती द्वारा । |
प्रोनति: ऐसे आशुलिपिक जिसने उस श्रेणी में दस वर्ष नियमित सेवा
की है। टिप्पण : जहां ऐसे कनिष्ठ व्यक्तियों के संबंध में, जिन्होंने अपनी अर्हक/पात्रता सेवा पूरी कर ली है, प्रोनति के लिए विचार किया जा रहा हो वहां उनसे ज्येष्ठ व्यक्तियों के संबंध में भी विचार किया जाएगा परन्तु यह तब जबकि उनके द्वारा की गई ऐसी अर्हक/पात्रता सेवा, अपेक्षित अर्हक/पात्रता सेवा के आधे से अधिक से या दो वर्ष से, इनमें से जो भी कम हो, कम न हो उन्होंने अपने ऐसे कनिष्ठ व्यक्तियों सहित जिन्होंने ऐसी अर्हक/पात्रता सेवा पहले ही पूरी कर ली है, अगली उच्चत्तर श्रेणी में प्रोनति के लिए अपनी परिवीक्षा की अवधि सफलतापूर्वक पूरी कर ली हो। प्रतिनियुक्ति :- (1) केन्द्रीय/राज्य सरकारों/संघ राज्य क्षेत्रों के अधीन ऐसे अधिकारी :- (क)(1) जो मूल काडर/विभाग में नियमित आधार पर सदृश पद धारण किए हुए हैं, या (2) जिन्होंने मूल काडर/विभाग में 5000-8000 रू . के या समतुल्य वेतनमान नियमित आधार पर नियुक्ति के पश्चात् उस श्रेणी में तीन वर्ष सेवा की है, या (3) जिन्होंने मूल काडर/विभाग में 4500-7000 रू . के या समतुल्य वेतनमान में नियमित आधार पर नियुक्ति के पश्चात् उस श्रेणी में छह वर्ष सेवा की है, या (4) जिन्होंने मूल काडर/विभाग में 4000-6000 रू . के या समतुल्य वेतनमान में नियमित आधार पर नियुक्ति के पश्चात् उस श्रेणी में दस वर्ष सेवा की है, और (ख) (1) जिनके पास आशुलिपि (अंग्रेजी/हिन्दी) में सौ शब्द प्रति मिनट की गति है ; और (2) जिनके पास अंग्रेजी/हिन्दी में आशुलिपि का दो वर्ष का अनुभव है। टिप्पण :- पोषक प्रवर्ग के ऐसे विभागीय अधिकारी, जो प्रोनति की सीधी पंक्ति में हैं, प्रतिनियुक्ति पर नियुक्ति के लिए विचार किए जाने के पात्र नहीं होंगे । इसी प्रकार प्रतिनियुक्ति व्यक्ति प्रोनति द्वारा नियुक्ति के लिए विचार किए जाने के पात्र नहीं होंगे । प्रतिनियुक्ति की अवधि, जिसके अंतर्गत केन्द्रीय सरकार के उसी या किसी अन्य संगठन/विभाग में इस नियुक्ति से ठीक पहले धारित किसी अन्य काडर बाह्य पद पर प्रतिनियुक्ति संविदा की अवधि है, साधारणतया तीन वर्ष से अधिक नहीं होगी । प्रतिनियुक्ति पर नियुक्ति के लिए अधिकतम आयु सीमा आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तारीख को 56 वर्ष से अधिक नहीं होगी । |
| यदि विभागीय प्रोनति समिति है तो उसकी संरचना | भर्ती करने में किन परिस्थितियों में संघ लोक सेवा आयोग से परामर्श किया जाएगा | ||||
| (13) | (14) | ||||
| समूह ''ख'' विभागीय प्रोनति समिति (प्रोनति/पुष्टि के संवेदन
में विचार करने के लिए) : 1. सचिव, संसदीय कार्य मंत्रालय - अध्यक्ष 2. उप सचिव (प्रशासन) संसदीय कार्य मंत्रालय - सदस्य 3. अन्य मंत्रालय/विभाग के अवर सचिव या - सदस्य ऊ पर की पंक्ति का नामनिर्देशिती |
संघ लोक सेवा आयोग से परामर्श करना आवश्यक नहीं है। |
[फा.सं. एफ 4(1)/2001-प्रशासन]
पी. एस. मल्होत्रा, अवर सचिव
टिप्पण :- मंत्रालय के मूल नियम अधिसूचना सं.सा.का.नि. 1850 तारीख 29 नवम्बर, 1963 द्वारा राजपत्र में प्रकाशित हुये थे और तत्पश्चात
समय-समय पर संशोधित हुए और अन्त में अधिसूचना सं.सा.का.नि. 260
तारीख 3 जून, 1996 द्वारा संशोधित हुए ।
साइट
राष्ट्रीय सूचना केन्द्र द्वारा अभिकल्पित और परिपोषित।
अन्तर्वस्तु संसदीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा
संभरित और सम्पोषित।